इयक बर तेनालीराम का गाम में इयक नाहर आगो। वाने घणाई माणस मारकेनी खा गिराया। जब तेनालीराम घर पहोंचो तो इयक गाम का माणस ने वासू कही अक भाई गाम का माणसन्‍ने नाहर सू बचावो। तेनालीराम ने कही अक में नाहर हअ केसे पकड़ूं? गाम को इयक माणस तेनालीराम सू चिड़करो हो। वाने कही अक तेनालीराम की हुस्‍यारी तो महलन में चले हअ। गाम में आकेनी यू बावळो ह्‍वो जावे हअ। तेनालीराम चुप रहो। ओर वाने पतो लगायो अक रोजीना नाहर ड्‍वोलण लू बाहर लिकळे हअ।

फिर तेनालीराम वा जिग पे पहोंचो जहान नाहर गाम का माणसन्‍ने मारकेनी खागो। वाने द्‍येखो हून इयक खड्‍डो खुदो हो। वाने खड्‍डो दूब सू ढक दियो ओर खड्‍डा के दूसरी घांलू इयक बकरी बांद दी। फिर तेनालीराम इयक रूख के ऊपर बेठगो। जब नाहर हून आयो तो वाने इयक बकरी द्‍येखी। बकरी द्‍येखकेनी नाहर वाके महीं लू भगो ओर नुकनी वा खड्‍डा में गिरगो। नुकनी गाम का माणसन्‍ने नाहर पकड़ लियो वाहे दूर छ्‍वोडयाया।

सीक-हर काम हुस्‍यारी सू ह्‍वोवा हां।